शिव भक्ति विनय पत्रिका
TransLiteral Foundations A Nonprofit Public Service Initiative. Literature Ancestry Dictionary Prashna Search हिंदी सूची | हिंदी साहित्य | पुस्तक | विनय पत्रिका | शिव स्तुति ९ विनय पत्रिका - शिव स्तुति ९ विनय पत्रिकामे, भगवान् श्रीराम के अनन्य भक्त तुलसीदास भगवान् की भक्तवत्सलता व दयालुता का दर्शन करा रहे हैं। Tags : tulsidas vinay patrika तुलसीदास विनय पत्रिका भैरवरुप शिव - स्तुति Translation - भाषांतर देव, भीषणाकार, भैरव, भयंकर, भूत - प्रेत - प्रमथाधिपति, विपति - हर्ता । मोह - मूषक - मार्जार, संसार - भय - हरण, तारण - तरण, अभय कर्ता ॥१॥ अतुल बल, विपुल विस्तार, विग्रह गौर, अमल अति धवल धरणीधराभं । शिरसि संकुलित - कल - जूट पिंगलजटा, पटल शत - कोटि - विद्युच्छटाभं ॥२॥ भ्राज विबुधापगा आप पावन परम, मौलि - मालेव शोभा विचित्रं । ललित लल्लाटपर राज रजनीशकल, कलाधर, नौमि हर धनद - मित्रं ॥३॥ इंदु - पावक - भानु - नयन, मर्दन - मयन, गुण - अयन, ज्ञान - विज्ञान - रुपं । रमण - गिरिजा, भवन भूधराधिप सदा, श्रवण कुंडल, वदनछवि अनूपं ॥४॥ चर्म - असि - शूल - धर, डमरु - शर - चाप - ...