श्रीराम गीता । भगवान राम - लक्ष्मण संवाद

इसे गुरु ज्ञानवासिष्ठ तत्वसारायण का भाग माना जाता है। गीता की तरह इसमें भी 18 अध्याय हैं जो राम-हनुमान संवाद के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं। ब्रह्मांड पुराण के उत्तर खंड में अध्यात्म रामायण है। इस अध्यात्म रामायण के पांचवें सर्ग में "राम गीता" है। इसमें कुल 62 श्लोक हैं। लक्ष्मण के अनुरोध पर इसे रामचंद्र जी ने सुनाया था। इसमें कर्म की प्रवृत्ति और निवृत्ति की विवेचना की गई है। एक रामगीता सटीका है जिसे स्कन्दपुराण के निर्वाणखंड का अंश माना जाता है। इसके तीन अध्यायों में राम का परब्रह्मत्व प्रतिपादित है। ऐसी ही एक रामगीताटीका का उल्लेख मिलता है जो उपर्युक्त रामगीता सटीका से भिन्न है।
इस आलेख में उल्लिखित गीताओं की सूची को अंतिम सूची न समझा जाये। पुराण साहित्य में अन्य अनेक गीताएँ मौजूद हैं, जिनका शोध-संकलन किया जाना बाकी है।
https://youtu.be/9_4uvl1RVkw

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