श्रीहनुमद्ध्यानम् मार्कण्डेयपुराणतः

हनुमान कवच के लाभ :-

 

इस कवच से भूत, प्रेत, चांडाल, राक्षश व अन्य बुरी आत्माओं से बचाव किया जा सकता है| यह कवच आपको टोनो टोटको से बचाता है और आपकी रक्षा करता है| काला जादू इस पर पूरी तरह पराजित हो जाता है| इस कवच का पूर्ण लाभ से जीवन के सभी शोक मिट जाते है, अत: इसे शोकनाशं भी पुकारा जाता है| साथ ही जीवन में जो भी कष्ट होते हैं, वो कुछ ही दिनों में समाप्त हो जाते हैं| व्यक्ति के जीवन में अचानक खुशियां आ जाती हैं| वह हर तरह से सम्पन्न हो जाता है|

मूल मन्त्र :-

 

श्री हनुमंते नम:

 

इस मंत्र का उच्चारण 108 बार रुद्राक्ष की माला के साथ सच्चे मन से करें और यह उपासना संपन्न होने के बाद अपने शोक निवारण के लिए हनुमानजी से विनती करें| इसके बाद हनुमानजी को चमेली का तेल और सिंदूर चढ़ावें. साथ में यदि हनुमानजी को चोला और जनेऊ पहना सकें, तो और भी उत्तम है|

हनुमान जी के शक्तिशाली मन्त्र :-

 

 श्री राम के परम भक्त हनुमान जी महाराज आठ चिरंजीवियों में से एक है ,जो अनंत काल से अपने भक्तों के आस पास ही रहते हैं और उनसे खुश होकर उनकी मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं| हनुमान जी जल्द ही प्रसन्न होने वाले देवताओं में से एक हैं और इसके लिए कुछ चमत्कारी मंत्र यहांं बताए जा रहे हैं| इन मंत्रों की सही विधि जानकर इनका जाप करें जिससे प्रसन्न होकर आप पर कृपा बरसाएं|

  

भय नाश करने के लिए हनुमान मंत्र : हं हनुमंते नम:|

श्रीहनुमद्ध्यानम् मार्कण्डेयपुराणतः 

मरकतमणिवर्णं दिव्यसौन्दर्यदेहं
नखरदशनशस्त्रैर्वज्रतुल्यैः समेतम्।
तडिदमलकिरीटं मूर्ध्नि रोमाङ्कितं च
हरितकुसुमभासं नेत्रयुग्मं सुफुल्लम्॥१॥

अनिशमतुलभक्त्या रामदेवस्य योग्या-
न्निखिलगुरुचरित्राण्यास्यपद्माद्वदन्तम्।

स्फटिकमणिनिकाशे कुण्डले धारयन्तं
गजकर इव बाहुं रामसेवार्थजातम्॥२॥

अशनिसमद्रढिम्नं दीर्घवक्षःस्थलं च
नवकमलसुपादं मर्दयन्तं रिपूंश्च।

हरिदयितवरिष्ठं प्राणसूनुं बलाढ्यं
निखिलगुणसमेतं चिन्तये वानरेशम्॥३॥

इति मार्कण्डेयपुराणतः श्रीहनुमद्ध्यानम् ।

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