सुदर्शन चक्र की वंदना



जयमुच्चरिष्याम्यहं चक्रं स्थो विष्णुनस्करे ।
यस्य कारणं हि लोके पीठरूपा भगवती ।।

मैं भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र की सदा जय बोलता रहुँगा जिसके कारण ही आज संसार में मेरी भगवती शक्तिपीठों के रूप में विराजमान हैं।
I will always chant victory of the Sudarshan Chakra of Lord Vishnu, due to which today my Bhagwati is placed as Shaktipeeths in the world.

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