अपने परेशानियों को दूर करने के लिए पढ़े रामचरित मानस की ये चौपाईयाँ
श्री राम चरितमानस एक ऐसा ग्रन्थ जिसे गोस्वामी तुलसीदास ने १६ वीं सदी में रचा था। जिसमें श्री राम के मर्यादा पुरुषोत्तम को दर्शाया गया है। कहा जाता है की इस के पाठ करने से सभी देवी-देवता प्रसन्न होते हैं। इसलिए घरों में लोग प्रतिदिन इसकी कुछ चौपाइयों को पढ़ते हैं। आज हम ऐसे ही कुछ चौपाइयों के बारे में जानेंगे, जिससे हमारे सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी।
१) संकटमोचन के आशीर्वाद के लिए:
सुमिरि पवनसुत पावन नामू।
अपनें बस करि राखे रामू।।
२) यदि आपको नौकरी नहीं मिल रही हो तो:
बिस्व भरण पोषण कर जोई।
ताकर नाम भरत जस होई।।
३) यदि घर में आर्थिक समस्या हो रही है या धन-संपत्ति की परेशानी हो रही हो:
जे सकाम नर सुनहि जे गावहि।
शुख संपत्ति नाना विधि पावहि।।
४) यदि घर पे परेशानियाँ ज्यादा बढ़ रही हो तो इस चौपाई का जप करें।
प्रनवउं पवन कुमार, खाल बन पावक ग्यान घन।
जासु हृदयं आगार, बसहिं राम सर चाप धर।।
५) यदि घर पे या घर के सदस्यों पे बुरी नजर का साया हो तो:
स्याम गौर सुन्दर दोउ जोरी।
निरखहिं छबि जननीं तृन तोरी।।
६) यदि घर में किसी सदस्य के विवाह में अर्चन आ रही है तो:
तब जनक पाइ वशिष्ठ आयसु ब्याह साजि संवारि कै।
मांडवी श्रुतकीर्ति उर्मिला, कुंअरि लई हंकारि कै।।
७) यदि आपको किसी शत्रु का डर हो तो उन्हें दूर करने के लिए:
बयरु न कर काहू सन कोई।
राम प्रताप विषमता खोई।।
८) किसी व्यापर के सम्बन्ध में यात्रा पे जा रहे हो तब इस चौपाई का जप करें:
प्रबिसि नगर कीजै सब काजा।
हृदयं राखि कोसलपुर राजा।।
९) यदि घर में आशांति ज्यादा हो रही हो या लोग बिमारियों से ग्रस्त हो रहे हो तो इस चौपाई का जप करें।
दैहिक दैविक भौतिक तापा।
राम राज काहूहिं नहि ब्यापा।।
१०) यदि बच्चों का मन पढाई में नहीं लग रहा हो तो:
जेहि पर कृपा करहिं जनु जानी।
कबि उर अजिर नचावहिं बानी।।
मोरी सुधारिहि सो सब भांती।
जासु कृपा नहिं कृपां अघाती।।
ये समस्त जानकारियांश्री राम चरितमानस के अनुसार है|
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