पांच प्रकार के कोश कौन से है।

मन देही है और आत्मा विदेही है। जब मनुष्य मन को ज्ञान से अंतर्मुखी कर लेता है। तब अन्यमय, प्राणमय, मनोमय, विज्ञानमय कोष, आनंद मय कोष तब आत्मा का स्वरूप प्रगट होता है।

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