नाम जप से भगवत प्राप्ति संभव है ?

तुलसीदासजी महाराज कहते हैं‒‘बिगरी जनम अनेक की सुधरै अबहीं आजु’ अनेक जन्मोंकी बिगड़ी हुई बातआज सुधर जाय और आज भी अभी-अभी इसी क्षणदेरीका काम नहींक्योंकि ‘होहि राम करे नाम जपु’ तुम रामजीके हो करके अर्थात् मैं रामजीका हूँ और रामजी मेरे हैं‒ऐसा सम्बन्ध जोड़ करके नाम जपो । पर इसमें एक शर्त है‒‘एक बानि करुनानिधान की । सो प्रिय जाकें गति न आन की ॥’संसारमें जितने कुटुम्बी हैं, उनमें मेरा कोई नहीं है । न धन-सम्पत्ति मेरी है और न कुटुम्ब-परिवार ही मेरा है अर्थात् इनका सहारा न हो । ‘अनन्यचेताः सततम्’,‘अनन्याश्चिन्तयन्तो माम्’ 

https://youtu.be/9lIy-lGl7Vs

https://youtu.be/sLbBw-2z83M

https://youtu.be/TQdVvwqD_64

https://www.vedicaim.com/2018/08/bhagwan-ka-nam-lene-ki-vidhi.html

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