नामों का मूल्य(28 naam )
एक बार भगवान श्रीकृष्ण से अर्जुन ने पूछा- ‘केशव ! मनुष्य बार-बार आपके एक हजार नामों का जप क्यों करता है,आप मनुष्यों की सुविधा के लिए एक हजार नामों के समान फल देने अपने दिव्य नाम बताइए ।’ किं नु नाम सहस्त्राणि जपते च पुन: पुन: । यानि नामानि दिव्यानि तानि चाचक्ष्व केशव ।। भगवान श्रीकृष्ण ने कहा—‘मैं अपने ऐसे चमत्कारी 28 नाम बताता हूँ जिनका जप करने से मनुष्य के शरीर में पाप नहीं रह पाता है । वह मनुष्य एक करोड़ गो-दान, एक सौ अश्वमेध-यज्ञ और एक हजार कन्यादान का फल प्राप्त करता है ।अमावस्या, पूर्णिमा तथा एकादशी तिथि को और प्रतिदिन प्रात:, मध्याह्न व सायंकाल इन नामों का स्मरण करने या जप करने से मनुष्य सम्पूर्ण पापों से मुक्त हो जाता है । श्रीभगवानुवाच - मत्स्यं कूर्मं वराहं च वामनं च जनार्दनम् । गोविन्दं पुण्डरीकाक्षं माधवं मधुसूदनम् ।। पद्मनाभं सहस्त्राक्षं वनमालिं हलायुधम् । गोवर्धनं हृषीकेशं वैकुण्ठं पुरुषोत्तमम् ।। विश्वरूपं वासुदेवं रामं नारायणं हरिम् । दामोदरं श्रीधरं च वेदांगं गरुणध्वजम् ।। अनन्तं कृष्णगोपालं जपतोनास्ति पातकम् । गवां कोटिप...