राम का जाप मन का विचार-रुपी अमृत है।

|| श्री राम ||

राम का जाप मन का विचार-रुपी अमृत है। राम-राम प्रभु राम, अमृत-संवाद है | राम-ध्यान, चित द्वारा किया गया अमृत-चिंतन है। अर्थात राम शब्द में जप, धारणा, ध्यान सब कुछ का सच्चा उत्तर समाहित है। 

राम शब्द इन सभी अभ्यासों के लिए उपयुक्त है | मनन, जाप, अलाप, चिंतन, ध्यान, समाधान सभी राम-नाम के साथ सम्बधित्त होकर अमृत हो जाते हैं | जाप शब्द का होता है और मनन अर्थ का, अलाप स्वर का और चिंतन तत्त्व का होता है |
ध्यान स्वरुप का तथा समाधान (समाधी) में त्रिपुटी (ध्येय, ध्याता, सुध्यान) का लय होता है |

अमृत मनन राम का जाप,

राम - राम प्रभु राम अलाप।

अमृत चिंतन राम का ध्यान,

राम शब्द में शुचि समाधान॥५॥

राम राम राम राम राम राम राम राम राम राम


काशी गुप्त

काशी गुप्त
काशी गुप्त

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