अनंत सूत्र बांधने का मंत्र

नमस्ते देवदेवेश सर्वव्यापिन् जनार्दन।
सत्त्वादिगुणभेदेन लोकव्यापारकारिणे।

नमस्ते बहुरूपाय अरूपाय नमो नमः।
सर्वैकाद्भुतरूपाय निर्गुणाय गुणात्मने।

नमस्ते लोकनाथाय परमज्ञानरूपिणे।
सद्भक्तजनवात्सल्यशीलिने मङ्गलात्मने।।

तमादिपुरुषं देवं नमामीष्टार्थसिद्धये। 
इस स्तोत्र के पाठ से भगवान विष्णु प्रसन्न हो
जाते हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण
करते हैं।
उन्हें सुख-संपत्ति और संतान की प्राप्ति होती है।

अनंत सूत्र बांधने का मंत्र-

अनंत संसार महासमुद्रेमग्नं समभ्युद्धर वासुदेव।
अनंतरूपे विनियोजयस्वह्यनंतसूत्राय नमो नमस्ते।।

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