hanuman

जयति वेदान्तविद विविध-विद्या-विशद, वेद-वेदांगविद ब्रह्मवादी।

ज्ञान-विज्ञान-वैराग्य-भाजन विभो, विमल गुण गनति शुकनारदादी॥
आप वेदान्त के ज्ञाता, नाना विद्याओं में विशारद, चार वेद, छ: वेदांग (शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छन्द, ज्योतिष) के ज्ञाता व शुद्ध ब्रह्म के स्वरूप का निरूपण करने वाले है। ज्ञान, विज्ञान व वैराग्य से समर्थ है।इसीसे शुकदेव व नारद आदि देवर्षि सदा आपकी निर्मल गुणावली गाया करते है॥

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