राम मूल मंत्र

| भगवान श्री राम के संस्कृत श्लोक एवं मंत्र संग्रह ||

श्री राम वंदना श्लोक :-

लोकाभिरामं रणरंगधीरं राजीवनेत्रं रघुवंशनाथम्।
कारुण्यरूपं करुणाकरं तं श्रीरामचन्द्रं शरणं प्रपद्ये।।
मैं सम्पूर्ण लोकों में सुन्दर तथा रणक्रीडा में धीर, कमलनेत्र, रघुवंश नायक, करुणाकी मूर्ति और करुणा के भण्डार रुपी श्रीराम की शरण में हूं।

सफलता के लिए मंत्र:-

ॐ राम ॐ राम ॐ राम ह्रीं राम ह्रीं राम श्रीं राम श्रीं राम – क्लीं राम क्लीं राम। फ़ट् राम फ़ट् रामाय नमः ।
श्री राम गायत्री मंत्र :-

ॐ दाशरथये विद्महे जानकी वल्लभाय धी महि॥ तन्नो रामः प्रचोदयात्।।

ॐ, दशरथ के पुत्र का ध्यान करें, माता सीता की सहमति, आज्ञा से मुझे उच्च बुद्धि और शक्ति दें, भगवान् श्री राम मेरे मस्तिस्क को बुद्धि और तेज़ से प्रकाशित करें, बुद्धि और तेज प्रदान करें।

श्री राम ध्यान मंत्र :-

ॐ आपदामप हर्तारम दातारं सर्व सम्पदाम, लोकाभिरामं श्री रामं भूयो भूयो नामाम्यहम।

श्री रामाय रामभद्राय रामचन्द्राय वेधसे, रघुनाथाय नाथाय सीताया पतये नमः।।

श्री रामाष्टक :-

हे रामा पुरुषोत्तमा नरहरे नारायणा केशवा।

गोविन्दा गरुड़ध्वजा गुणनिधे दामोदरा माधवा।।

हे कृष्ण कमलापते यदुपते सीतापते श्रीपते।

बैकुण्ठाधिपते चराचरपते लक्ष्मीपते पाहिमाम्।।

गरीबी/दरिद्रता निवारण के लिए:-

अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के।
कामद धन दारिद दवारि के।।

धन-प्राप्ति मंत्र:-

जिमि सरिता सागर महुँ जाही। जद्यपि ताहि कामना नाहीं।।
तिमि सुख संपति बिनहिं बोलाएँ। धरमसील पहिं जाहिं सुभाएँ।।

अकाल मृत्यु निवारण मंत्र:-

|| नाम पाहरु दिवस निसि ध्यान तुम्हार कपाट ||

|| लोचन निजपद जंत्रित जाहि प्राण केहि बाट ||

संतान प्राप्ति मंत्र:-

प्रेम मगन कौसल्या निसिदिन जात न जान।
सुत सनेह बस माता बालचरित कर गान।।
लोचन निज पद जंत्रित जाहिं प्रान केहि बाट।।

श्री राम तारक मंत्र:-

ॐ जानकीकांत तारक रां रामाय नमः।।

तारक मंत्र:-

श्री राम, जय राम, जय जय राम।।

श्री राम प्रतिदिन:-

जे सकाम नर सुनहि जे गावहीं।
सुख सम्पति नाना बिधि पावहिं।।
कवन सो काज कठिन जग माहीं।
जो नहिं होइ तात तुम्ह पाहीं।।
राम काज लगि तव अवतारा।
सुनतहिं भयउ पर्बताकारा।।
हनूमान तेहि परसा कर पुनि कीन्ह प्रनाम।
राम काजु कीन्हें बिनु मोहि कहाँ बिश्राम।।


श्री राम मूल मंत्र :-

ॐ ह्रां ह्रीं रां रामाय नम:।।

श्री राम सरल श्लोक :-

श्री राम शरणं मम्।
श्रीं राम श्रीं राम।
ॐ राम ॐ राम ॐ राम। क्लीं राम क्लीं राम। रामाय नमः।
ॐ रामाय हुँ फ़ट् स्वाहा।
ॐ श्री रामचन्द्राय नमः।
ह्रीं राम ह्रीं राम।
श्री रामचन्द्राय नमः।


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