वशिष्ठ संहिता

रामस्य नाम रूपं च लीला धाम परात्परम् ।
एतच्चतुष्टयं नित्यं सच्चिदानन्दविग्रहम् ।।
                                     (वशिष्ठ संहिता)
भगवान राम का नाम,रूप,लीला और राम का धाम ये चारों नित्य सच्चिदानन्द-स्वरूप हैं । इसलिए  नाम जप, नाम स्मरण, नाम चिंतन की अत्यंत महिमा कही गयी है।

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