जप कलयुग में श्रेष्ठ क्यूँ माना गया है ?जय यज्ञ क्या है?

जप कलयुग में श्रेष्ठ क्यूँ माना गया है ?
जय यज्ञ क्या है?

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शास्त्रों में जप की बड़ी महिमा गायी गयी है, सब यज्ञों की अपेक्षा जप यज्ञ को श्रेष्ठ बतलाया गया है। जप यज्ञ में किसी भी बाह्य सामग्री अथवा (पुष्पादि) हिंसा आदि की आवश्यकता नहीं होती । पद्म एवं नारदीय पुराण में कहा गया है कि अन्य समस्त यज्ञ वाचिक जप की तुलना में सोलहवें हिस्से के बराबर भी नहीं हैं। वाचिक जप से सौ गुना उपांशु और सहस्रगुना मानस जप का फल होता है ये सभी जप यज्ञ के सोलहवें कला के पात्र नहीं हैं। जो  उपांशु मंत्र का जाप करता है उसकी सौ गुना अधिक प्रशंसा की जाती है।

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