दुख दूर करने के उपाय
जामवंत अंगद दु:ख देखी। कहीं कथा उपदेस बिसेषी॥ |
- भावार्थ
जाम्बवान ने अंगद का दुःख देखकर विशेष उपदेश की कथाएँ कहीं। (वे बोले-) हे तात! श्रीराम जी को मनुष्य न मानो, उन्हें निर्गुण ब्रह्म, अजेय और अजन्मा समझो॥6॥
जामवंत अंगद दु:ख देखी। कहीं कथा उपदेस बिसेषी॥ |
जाम्बवान ने अंगद का दुःख देखकर विशेष उपदेश की कथाएँ कहीं। (वे बोले-) हे तात! श्रीराम जी को मनुष्य न मानो, उन्हें निर्गुण ब्रह्म, अजेय और अजन्मा समझो॥6॥
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