पद चिन्ह्

🪷।।प्रभु राम और माता सीता के चरण-कमल।।🪷

श्रीरामचरितमानस में गोस्वामी तुलसीदासजी ने मुख्य रूप से श्रीराम के पैर के 5 ही चिह्न का वर्णन किया है- ध्वज, वज्र, अंकुश, कमल और ऊर्ध्व रेखा। किंतु अन्य पवित्र ग्रंथों को मिलाकर देखा जाए तो 48 पवित्र चिह्न मिलते हैं।

दक्षिण पैर में 24 और वाम पैर में 24। दिलचस्प तथ्य यह भी है कि जो चिह्न श्रीराम के दक्षिण पैर में हैं वे भगवती सीता के वाम पैर में हैं। और जो चिह्न राम जी के वाम पैर में हैं वे सीता जी के दक्षिण पैर में हैं।
एक और अदभुत रहस्य यह है कि श्री राम जी के उदर पे नाभि के पास तीन रेखायें हैं जिन्हें त्रिवेली कहते हैं। वही तीन रेखायें (त्रिवेली) सीता जी की पीठ पर हैं।

🌺दोहा— रेखा त्रय सुन्दर उदर नाभी रूचिर गंभीर ।🌺
⚜️।।पहले जानते हैं श्रीराम के दक्षिण पैर के शुभ चिह्न।।⚜️

🌸1. ऊर्ध्व रेखा- इसका रंग गुलाबी है। इसके अवतार सनक, सनन्दन, सनतकुमार और सनातन हैं। जो व्यक्ति इस चिह्न का ध्यान करते हैं, उन्हें महायोग की सिद्धि होती है और वे भवसागर से पार हो जाते हैं।

🌸2. स्वस्तिक- इसका रंग पीला है। इसके अवतार श्रीनारदजी हैं। यह मंगलकारक एवं कल्याणप्रद है। इस चिह्न का ध्यान करने वालों को सदैव मंगल एवं कल्याण की प्राप्ति होती है।

🌸3. अष्टकोण- यह लाल और सफेद रंग का है। यह यंत्र है। इसके अवतार श्री कपिलदेवजी हैं।

जो व्यक्ति इस चिह्न का ध्यान करते हैं, उन्हें अष्ट सिद्धियां सुलभ हो जाती हैं।

🌸4. कलश- यह सुनहला और श्याम रंग का है। इसे श्वेत भी कहा जाता है। इसका अवतार अमृत है। इसका ध्यान करने वालों को भक्ति, जीवन्मुक्ति तथा अमरता प्राप्त होती है।

🌸5. पताका- इसका रंग विचित्र है। इसके ध्यान से मन पवित्र होता है। इस ध्वजा चिह्न से कलि का भय नष्ट होता है।
त्रिविध ताप नष्ट होते हैं, प्रेमाभक्ति बढ़ती है और भक्ति, शांति एवं प्रकाश की प्राप्ति होती है।
🌸6. जम्बू फल- इसका रंग श्याम है। इसके अवतार गरूड़ हैं। यह मंगलकारक होता है। इसका ध्यान करने वालों को अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

🌸7. अर्धचन्द्र- इसका रंग उजला है। इसके अवतार वामन भगवान् हैं। जो व्यक्ति इसका ध्यान करते हैं, उनके मन के दोष दूर होते हैं,

🌸8. शंख- इसका रंग लाल तथा सफेद है। इसके अवतार वेद, हंस, शंख आदि हैं। इसका ध्यान करने से दंभ, कपट एवं मायाजाल से छुटकारा मिलता है, विजय प्राप्त होती है और बुद्धि का विकास होता है।


🌸4. श्रीलक्ष्मीजी- इनका रंग अरुणोदय काल की लालिमा के समान है। बहुत ही मनोहर है। अवतार साक्षात लक्ष्मीजी ही हैं। जो लोग इस चिह्न का ध्यान करते हैं, उन्हें ऐश्वर्य तथा समृद्धि की प्राप्ति होती है।

🌸10. कमल- इसका रंग लाल गुलाबी है। इसका अवतार विष्णु-कमल है। इसका ध्यान करने वालों के यश में वृद्धि होती है तथा उनका मन प्रसन्न होता है।

🌸11. रथ- यह चार घोड़ों का है। रथ का रंग अनेक प्रकार का होता है तथा घोड़ों का रंग सफेद है। इसका अवतार पुष्पक विमान है।

जो व्यक्ति इसका ध्यान करते हैं, उन्हें विशेष पराक्रम की उप‍लब्धि होती है।

🌸12. वज्र- इसका रंग बिजली के रंग जैसा है। इसका अवतार इंद्र का वज्र है। जो लोग इसका ध्यान करते हैं, उनके पापों का क्षय होता है तथा बल की प्राप्ति होती है।

यह अनाहत-अनहद नाद का कारण है।

🌸9. षट्कोण- इसका रंग श्वेत है, लाल भी कहा जाता है। इसके अवतार श्री कार्तिकेय हैं। इसका जो ध्यान करते हैं, उनके षटविकार- काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद एवं मत्सर का नाश होता है। यह यंत्ररूप है।

इसका ध्यान षट्संपत्ति- शम, दम, उपरति, तितिक्षा, श्रद्धा एवं समाधान का प्रदाता है।

🌸10. त्रिकोण- यह भी यंत्र रूप है। इसका रंग लाल है। इसके अवतार परशुरामजी और हयग्रीव हैं। इसका ध्यान करने वालों को योग की प्राप्ति होती है।

इसका चिह्न वेद रूप है। जो व्यक्ति इसका ध्यान करते हैं, वे कर्म, उपासना और ज्ञान से संपन्न हो भक्तिरस का आस्वादन करने के अधिकारी होते हैं।

🌸17. मीन- इसका रंग उजला एवं रुपहला होता है।यह काम की ध्वजा है, वशीकरण है।इसका ध्यान करने वाले को भगवान के प्रति प्रेम की प्राप्ति होती है।







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