लक्ष्मी, श्री, कमला, कमलालया, पद्मा, रमा

लक्ष्मीं श्रियं च कमलां कमलालयां च
पद्मां रमां नलिनयुग्मकरां च मां च।

क्षीरोदजाममृतकुम्भकरामिरां च
विष्णुप्रियामिति सदा जपतां क्व दुःखम्॥

जो लक्ष्मी, श्री, कमला, कमलालया, पद्मा, रमा, नलिनयुग्मकरा ( दोनों हाथों में कमल धारण करनेवाली ), मा, क्षीरोदजा, अमृतकुम्भकरा ( हाथों में अमृत का कलश धारण करनेवाली ), इरा और विष्णुप्रिया, इन नामों का सदा जप करते हैं, उनके लिये कहीं दुःख नहीं है ॥

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