योग दिवस

निन्दाप्रशंसे चात्यर्थं न वदन्ति परस्य ये।
न च निन्दाप्रशंसाभ्या विक्रियन्त कदाचन।।

योगी अन्य लोगों की निन्दा-प्रशंसा के रूप में बातचीत नहीं करते हैं और न अन्य लोगों द्वारा की गई निन्दा-प्रशंसा से उनके मन कभी प्रभावित ही होते हैं।

युक्ताहारविहारस्य युक्तचेष्टस्य कर्मसु।
युक्तस्वप्नावबोधस्य योगो भवति दुःखहा।।
(श्रीमद्भगवद्गीता६.१७)
उचित आहार विहार करने वाले के लिए,,उचित क्रियाकलाप करने वाले के लिए,,उचित जागरण एवं शयन करने वाले के लिए योग समस्त शारीरिक मानसिक आध्यात्मिक दु:खों को नष्ट कर देता है

योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः ॥२॥ - योगसूत्रम् (पतञ्जलिः)

Yoga is restraining the mind (Chitta) from taking various forms (Vrittis).

There are 196 Yoga Sutras given by Patanjali, divided into four chapters:
समाधि - 51 सूत्र
साधन - 55 सूत्र
विभूति - 56 सूत्र
कैवल्य - 34 सूत्र

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